18 अप्रैल 2023 - 10:55
सूडान में सत्ता के लिए छिड़ी जंग में  97 की मौत सैंकड़ों ज़ख़्मी।

सेना और अर्ध सैनिक बलों के बीच छिड़े संघर्ष में कम से कम 97 लोग मारे गए हैं जबकि ज़ख़्मी होने वाले लोगों की तादाद भी 400 से ज़्यादा है। इस से पहले स्थानीय मीडिया ने मरने वालों की तादाद 61 और ज़ख़्मी लोगों की संख्या 600 के आसपास बताई थी।

सूडान में सत्ता के लिए छिड़े संघर्ष में अब तक 97 से अधिक लड़ाके मारे गए हैं जबकि घायल होने वाले लोगों की तादाद 600 से ज़्यादा है। 

 गार्डियन, ने सूडानीज़ डॉक्टर्स यूनियन के हवाले से खबर देते हुए कहा कि अब तक सेना और अर्ध सैनिक बलों के बीच छिड़े संघर्ष में कम से कम 97 लोग मारे गए हैं जबकि ज़ख़्मी होने वाले लोगों की तादाद भी 400 से ज़्यादा है। इस से पहले स्थानीय मीडिया ने मरने वालों की तादाद 61 और ज़ख़्मी लोगों की संख्या 600 के आसपास बताई थी। 

WHO ने सूडान के बिगड़ते हालात के बारे में चेतावनी देते हुए कहा है कि खार्तूम के अस्पतालों में घायलों के आने का सिलसिला जारी है जबकि यहाँ अस्पतालों में खून की भारी किल्लत है। सूडान में संघर्ष के बढ़ते दायरे और खतरनाक होते हालात के बीच केन्या, दक्षिण सूडान और जिबूती के राष्ट्रपति जल्द ही इस देश का दौरा करेंगे। 

दुनियाभर की ओर से लड़ाई रोकने की तमाम अपीलों के बावजूद सूडानी सेना और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच लड़ाई जारी है। अलजज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक़ सूडानी सेना ने कहा है कि हमने लगातार दूसरे दिन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के खार्तूम में कई ठिकानों और सालेह छावनी पर बमबारी की वहीँ रैपिड फोर्सेज ने भी खबर देते हुए कहा है कि हमने मिलिट्री इंटेलिजेंस सर्विस के रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर को अपनी गिरफ्त में ले लिया है साथ ही आर्मी के जुडिशल डिपार्टमेंट के डायरेक्टर ने भी सरेंडर कर दिया है। 

अल जज़ीरा ने सूडान में बढ़ते संघर्ष के बारे में खबर देते हुए कहा कि खार्तूम में जगह जगह धमाकों हवाई हमलों और एयर डिफ़ेंस की भीषण आवाज़ें सुनी जा रही है। 

रेडक्रॉस सोसाइटी ने बिगड़ती सूरते हाल की खबर देते हुए कहा कि खार्तूम के रिहायशी इलाक़ों में रेपिड फोर्सेस और सेना के बीच ख़ूनी जंग जारी है। केन्या के राष्ट्रपति ने सूडान की हालत पर बात करते हुए कहा है कि जल्द ही IGAD की ओर से जिबूती और दक्षिणी सूडान के राष्ट्रपति के साथ वह सूडान की यात्रा करेंगे। 

पोलिटिकल प्रोसेस इन सूडान के प्रवक्ता खालिद युसूफ उमर इस पूरे घटनाक्रम पर घंटों की चुप्पी के बाद पहली बार कोई टिपण्णी करते हुए कहा कि इस जंग को फ़ौरन रोक देना चाहिए। सूडान अब तक की सबसे कमज़ोर हालत में है। हम इस हालत को ज़्यादा देर बर्दाश्त नहीं कर सकेंगे। हम पहले ही जंग के कारण विभाजित हो चुके हैं। अगर अब यह जंग भी जारी रही तो हम इलाक़ाई आज़ादी और संप्रभुता को भी खो देंगे। 

खालिद युसूफ उमर ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सूडानी सैन्य कमान और रैपिड फोर्सेस इस बारे में गंभीरता से विचार करेंगी और फ़ौरन ही जंग को रोकने के सिलसिले में प्रभावी क़दम उठाएंगे। 

इस से पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी दोनों पक्षों से फ़ौरन जंग रोकने की अपील करते हुए कहा कि हमने सूडानी पक्षों के साथ सतह इलाक़ाई नेताओं से इस बारे में बातचीत की है। वहीँ सूडान के आंतरिक संकट में मिस्री सेना की भूमिका पर सवाल उठने और जंग कर रहे मिस्री सैनिकों को बंदी बनाए जाने की तस्वीरें वायरल होने के बाद मिस्र की सेना ने कहा है कि हम सूडान की हालत पर बारीकी से नज़र बना हुए हैं। ख़ास कर इसलिए भी कि हमारी सेना के कुछ जवान सूडानी सेना के साथ अभ्यास के लिए इस देश में मौजूद है। हम अपने जवानों की हिफाज़त को यक़ीनी बनाने के लिए सूडानी सेना के साथ लगातार राब्ते में हैं। 

वहीँ सऊदी विदेश मंत्री ने भी सूडान के दोनों पक्षों से बात करते हुए देश की हिफाज़त को यक़ीनी बनाने वाले समझौते की तरफ पलटने की अपील करते हुए जंग बंद करने की मांग की है। 

फैसल बिन फरहान ने कहा कि हम सूडान की हितों की हिफाज़त और देश की एकता और अखंडता को बचाए रखने के लिए फ़ौरन जंग रोकने की अपील करते हैं।  

बताते चलें कि शनिवार से ही अब्दुल फ़त्ताह अल बुरहान के नेतृत्व वाली सूडानी सेना और मोहम्मद हमदान हमीदती की लीडरशिप वाली रैपिड फोर्सेस के बीच देश के अलग आग हिस्सों में भीषण जंग जारी है।